फार्मा शेयर में हलचल: LIC ने बढ़ाया दांव, क्या करें निवेशक? LIC Boosts Holding in Cipla
LIC Boosts Holding in Cipla :-फार्मा सेक्टर में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। देश के सबसे बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक Life Insurance Corporation of India (LIC) ने दवा कंपनी Cipla Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जब कोई बड़ा और भरोसेमंद निवेशक गिरावट के आसपास किसी शेयर में खरीदारी करता है, तो निवेशकों के बीच यह सवाल उठना लाजमी है क्या यह आने वाले समय का संकेत है?
तीन महीनों में बढ़ी हिस्सेदारी, कुल हो गई 9.09%( LIC Boosts Holding in Cipla)
पिछले तीन महीनों के दौरान LIC ने बाजार से सिप्ला के अतिरिक्त शेयर खरीदे और अपनी हिस्सेदारी में 2% से ज्यादा का इजाफा किया। अब कंपनी में उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 9.09% हो गई है।
पहले यह हिस्सेदारी करीब 7% के आसपास थी। इस बढ़त से लग रहा है कि LIC को अपने फ्यूचर पर पूरा भरोसा है।
शेयर की चाल: अभी भी लो लेवल के करीब
शुक्रवार को सिप्ला के शेयर में हल्की मजबूती देखी गई। स्टॉक 0.68% चढ़कर ₹1338 पर बंद हुआ। हालांकि, यह अपने हालिया निचले स्तर ₹1281 के आसपास ही बना हुआ है। यानी अभी भी शेयर अपने हाई से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब कोई बड़ी संस्था गिरावट के पास खरीदारी करती है, तो उसका नजरिया अक्सर लंबी अवधि का होता है।
आखिर LIC को क्या दिख रहा है?
बाजार जानकारों के मुताबिक सिप्ला के कुछ मजबूत पक्ष हैं:
- कंपनी की आय में स्थिरता
- घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात में अच्छी मौजूदगी
- प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत
- आने वाले समय में मार्जिन सुधार की उम्मीद
यही वजह है कि कुछ ब्रोकरेज हाउस इस स्टॉक को मौजूदा स्तर पर आकर्षक मान रहे हैं। हालांकि वे यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेशक आने वाले तिमाही नतीजों और सेक्टर की दिशा पर नजर बनाए रखें।
निवेशकों के लिए क्या सीख?
भारतीय शेयर बाजार में एलआईसी की चाल को अक्सर बड़े संकेत के तौर पर देखा जाता है। लेकिन सिर्फ किसी बड़े निवेशक की खरीदारी देखकर फैसला लेना समझदारी नहीं होती।
रिटेल इन्वेस्टर्स को चाहिए कि वे
- कंपनी के फंडामेंटल्स देखें
- सेक्टर की स्थिति समझें
- पैसे लगाने से पहले अपनी ज़रूरत और जोखिम लेने की हिम्मत को अच्छी तरह समझ लें।
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फार्मा सेक्टर का मौजूदा माहौल
पिछले कुछ समय से फार्मा सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी है। कच्चे माल की कीमतें, अमेरिकी बाजार की मांग और रेगुलेटरी बदलाव जैसे कारक शेयरों को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे वक्त में सिप्ला जैसी पुरानी और जमी-जमाई कंपनियां ज्यादा भरोसेमंद होती हैं।
आगे की राह
सिप्ला जब अपने निचले स्तर पर है, ऐसे में LIC का इसमें हिस्सा बढ़ाना वाकई एक अच्छी खबर है। अब देखना ये होगा कि कंपनी के आने वाले नतीजे और मार्केट के हालात क्या मोड़ लेते हैं। पर फिलहाल इतना तो साफ है कि देश के सबसे बड़े इन्वेस्टर (LIC) को इस फार्मा कंपनी पर पूरा भरोसा है, और अब सबकी नज़र इसी पर टिकी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ आपकी नॉलेज बढ़ाने के लिए है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर (पैसे के एक्सपर्ट) से सलाह जरूर लें।
