FSSAI Issues Warning to Food Brands: क्यों ‘100% Pure’ Claim अब बैन है?

FSSAI Issues Warning to Food Brands: क्यों ‘100% Pure’ Claim अब बैन है?

FSSAI ने दिया बड़ा निर्देश – फूड ब्रांड्स अब नहीं कर सकेंगे ‘100%’ दावे

FSSAI का नया आदेश: ‘100%’ शब्द अब पैकेजिंग पर नहीं चलेगा!

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Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने हाल ही में एक सख्त एडवाइजरी जारी की है जिसमें सभी Food Business Operators (FBOs) को चेताया गया है कि वे अपनी food labelling और advertisements में ‘100%’ जैसे misleading दावों का प्रयोग न करें।

क्या है पूरा मामला?

FSSAI ने ये नोटिस इसलिए जारी किया क्योंकि:

  • ‘100%’ शब्द का कोई स्पष्ट मानक या परिभाषा नहीं है भारत के मौजूदा कानूनों (FSS Act, 2006 और Food Safety & Standards (Advertising & Claims) Regulations, 2018) में।

  • यह शब्द उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है कि कोई उत्पाद पूर्णतः शुद्ध है या दूसरों से बेहतर है, जबकि ऐसा कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता।

  • कंपनियां इस शब्द का उपयोग कर दूसरे ब्रांड्स की छवि खराब कर सकती हैं।

FSSAI के रेगुलेशन के अनुसार:

  • Sub-regulation 10(7): कोई भी दावा जो उपभोक्ता को गुमराह करे या अन्य उत्पादों को नीचा दिखाए, अवैध है।

  • Sub-regulation 4(1): सभी दावे सत्य, स्पष्ट, अर्थपूर्ण और गुमराह न करने वाले होने चाहिए।

‘100% Pure’, ‘100% Natural’ जैसे दावे अब क्यों नहीं चलेंगे?

FSSAI का मानना है कि:

🔴 “100% Pure” जैसे शब्द
➡️ ग्राहकों में गलत अपेक्षा जगाते हैं।
➡️ उपभोक्ता सोचते हैं कि यह उत्पाद सभी से बेहतर है, जबकि ऐसा जरूरी नहीं।

🎯 इसलिए, अब FSSAI ने सभी ब्रांड्स को यह शब्द न इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

किसे पालन करना होगा यह नियम?

  • सभी packaged food companies,

  • online food sellers,

  • advertising agencies,

  • और यहां तक कि organic food startups को भी यह नियम मानना अनिवार्य है।

क्यों यह जरूरी कदम है?

➡️ Transparency बढ़ाने के लिए
➡️ Misleading marketing रोकने के लिए
➡️ Consumer trust मजबूत करने के लिए

Official Advisory Highlights:

“The use of the term ‘100%’—whether in isolation or with other descriptors—creates a false impression of absolute purity or superiority, and hence is prohibited on labels, packaging, and advertisements.”
FSSAI Advisory, June 2025

आपके लिए सुझाव (For Food Business Owners):

✅ अपने existing पैकेजिंग और एड कैंपेन की तुरंत समीक्षा करें।
✅ किसी भी “100% Pure”, “100% Natural”, “100% Safe” जैसे शब्दों को हटाएं।
✅ नए विज्ञापनों के लिए FSSAI के गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ें और लागू करें।

निष्कर्ष

👉 FSSAI का यह कदम भारतीय खाद्य उद्योग में सच्चाई और पारदर्शिता लाने के लिए बेहद जरूरी है।
👉 अब समय है कि सभी ब्रांड्स ईमानदारी से अपने दावों की जांच करें और ग्राहक को भ्रमित करने से बचें।

Summary Box:

विषयविवरण
🔎 टॉपिकFSSAI Issues Warning to Food Brands
📅 तिथिजून 2025
⚠️ कारण‘100%’ दावों की वैध परिभाषा नहीं है, जिससे ग्राहक भ्रमित होते हैं
🚫 क्या बैन हुआ?“100% Pure”, “100% Natural”, “100% Safe” जैसे शब्द
📜 नियमFSSAI Act, 2006 और Advertising & Claims Regulations, 2018
🎯 उद्देश्यउपभोक्ता को गुमराह करने वाले दावों पर रोक लगाना
👥 प्रभावितसभी FBOs, पैकेजिंग ब्रांड्स, विज्ञापन एजेंसियां
✅ सुझावपुराने लेबल्स हटाएं, नए गाइडलाइन के अनुसार विज्ञापन करें

 

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Disclaimer:
इस पोस्ट में दी गई जानकारी सार्वजनिक मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। यह केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से साझा की गई है। हम किसी भी प्रकार के ब्रांड, कंपनी या संस्था के प्रति पूर्वग्रह नहीं रखते। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित प्राधिकरण या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

Rupesh Kumar is a content writer and blogger with 8 years of experience in the blogging industry. He has strong knowledge of content writing, SEO, and industry trends. Rupesh writes easy-to-understand, helpful articles on topics like finance, business, technology, and government schemes, helping readers stay informed and updated.

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