ELI Scheme Status 2026: ₹99,446 Crore Employment Plan, employment linked incentive scheme

रोजगार पर बड़ा दांव: ELI योजना की जमीनी सच्चाई ₹99,446 करोड़ की ऐतिहासिक पहल

employment linked incentive scheme :- देश में रोजगार को लेकर अक्सर बहस होती रहती है नौकरी कहाँ है, युवाओं को अवसर कब मिलेगा, और कंपनियाँ नई भर्ती क्यों नहीं कर रहीं? ऐसे माहौल में केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2025 को एक बड़ा फैसला लिया और Employment Linked Incentive (ELI) Scheme को मंजूरी दी। करीब ₹99,446 करोड़ के बजट वाली यह योजना 2 साल में 3.5 करोड़ नई नौकरियाँ पैदा करने का लक्ष्य लेकर आई है। योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच बनने वाली नौकरियों पर लागू होगी और इसे लागू करने की जिम्मेदारी Ministry of Labour and Employment ने Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) को सौंपी है। सरकार का दावा है कि यह योजना रोजगार बाजार में नई जान फूँक सकती है। लेकिन ज़मीन पर यह कितनी कारगर होगी, यह समझना जरूरी है।

आखिर ELI Scheme है क्या? employment linked incentive scheme

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सरल शब्दों में कहें तो यह ऐसी योजना है जिसमें:

  • पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सीधे आर्थिक मदद दी जाएगी
  • कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती पर प्रोत्साहन मिलेगा
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को खास बढ़ावा दिया जाएगा
  • ज्यादा से ज्यादा लोगों को फॉर्मल सेक्टर और EPFO के दायरे में लाया जाएगा 

यानी यह योजना सिर्फ नौकरी देने की नहीं, बल्कि नौकरी को ‘औपचारिक’ बनाने की भी कोशिश है।

ELI योजना चालू है या अटकी? जानिए सरकार का ताजा अपडेट

पहली नौकरी वालों के लिए सीधा फायदा

यह हिस्सा उन युवाओं के लिए है जो पहली बार EPFO के तहत नौकरी शुरू करेंगे।

कौन पात्र होगा?

  • मासिक Gross Salary ₹1 लाख तक
  • 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पहली बार EPFO में रजिस्ट्रेशन 

कितना मिलेगा?

सरकार एक महीने का Basic + DA (अधिकतम ₹15,000) देगी। लेकिन पैसा एक साथ नहीं मिलेगा।

  • पहली किस्त: 6 महीने नौकरी पूरी करने के बाद
  • दूसरी किस्त: 12 महीने नौकरी और Financial Literacy Course पूरा करने के बाद 

दिलचस्प बात यह है कि दूसरी किस्त को कुछ समय के लिए सेविंग इंस्ट्रूमेंट में रखा जाएगा, ताकि युवा बचत की आदत डालें।

क्यों जरूरी है Financial Literacy?

सरकार चाहती है कि युवा सिर्फ कमाएँ नहीं, बल्कि समझदारी से बचत और निवेश भी करें। इसलिए EPFO पोर्टल पर ऑनलाइन कोर्स पूरा करना अनिवार्य रखा गया है।

अच्छा क्या है?

  • पहली नौकरी के शुरुआती खर्च में मदद
  • युवाओं को फॉर्मल सेक्टर से जोड़ना
  • बचत की आदत को बढ़ावा 

चुनौती क्या है?

  • 6 महीने तक लगातार नौकरी जरूरी
  • 12 महीने से पहले नौकरी छोड़ने पर पूरा लाभ नहीं
  • कोर्स पूरा किए बिना दूसरी किस्त नहीं मिलेगी 

यानी यह सिर्फ ‘फ्री पैसा’ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ जुड़ा प्रोत्साहन है।

कंपनियों को मिलेगा ₹3,000 तक का लाभ

अब बात करते हैं कंपनियों की। इस हिस्से में सरकार उन नियोक्ताओं को प्रोत्साहन देगी जो अपने बेसलाइन से ज्यादा कर्मचारी भर्ती करेंगे।

कितने नए कर्मचारी जरूरी?

  • 50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी: कम से कम 2 अतिरिक्त कर्मचारी
  • 50 या अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी: कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारी 

इन कर्मचारियों को कम से कम 6 महीने तक बनाए रखना होगा।

कितना मिलेगा लाभ?

  • ₹10,000 तक वेतन: वेतन का 10% (अधिकतम ₹1,000)
  • ₹10,001 से ₹20,000: ₹2,000 प्रति माह
  • ₹20,000 से अधिक: ₹3,000 प्रति माह 

कितने समय तक?

  • सभी सेक्टर: 2 साल
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर: 4 साल तक 

सरकार का साफ संकेत है कि मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।

किसी कंपनी ने सच में अतिरिक्त भर्ती की है या नहीं, यह तय करने के लिए ‘Baseline’ तय किया गया है।

  • 12 महीने से ज्यादा पुरानी कंपनी: पिछले 12 महीनों का औसत कर्मचारी संख्या
  • 12 महीने से कम पुरानी: रजिस्ट्रेशन से अब तक का औसत
  • योजना अवधि में नई रजिस्टर्ड कंपनी: Baseline 20 कर्मचारी 

यानी केवल वास्तविक अतिरिक्त नौकरी पर ही लाभ मिलेगा।

रोजगार बाजार पर क्या असर पड़ेगा?

अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो:

  • फॉर्मल रोजगार बढ़ेगा
  • युवाओं को स्थायी नौकरी मिलेगी
  • कंपनियों की भर्ती लागत कम होगी
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति मिलेगी 

लेकिन अगर कंपनियाँ सिर्फ प्रोत्साहन के लिए 6 महीने तक कर्मचारी रखकर बाद में निकाल दें, तो यह असर अस्थायी भी साबित हो सकता है।

क्या 3.5 करोड़ नौकरियाँ संभव हैं?

₹99,446 करोड़ का बजट छोटा नहीं है। यह संकेत देता है कि सरकार गंभीर है। लेकिन रोजगार सिर्फ प्रोत्साहन से नहीं बनते—उसके लिए आर्थिक वृद्धि, निवेश, मांग और उद्योगों की स्थिरता भी जरूरी है। ELI योजना एक मजबूत शुरुआत हो सकती है, लेकिन इसकी असली परीक्षा ज़मीन पर होगी—कारखानों में, दफ्तरों में और छोटे उद्योगों में।

ELI योजना को ‘सुनहरा अवसर’ भी कहा जा सकता है और ‘कड़ी शर्तों वाली पहल’ भी। युवाओं के लिए यह पहली नौकरी में राहत का जरिया बन सकती है। कंपनियों के लिए यह भर्ती बढ़ाने का मौका है। लेकिन हर योजना की तरह इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी ईमानदारी और पारदर्शिता से लागू किया जाता है। फिलहाल इतना तय है—अगर आप नौकरी की तलाश में हैं या कंपनी चलाते हैं, तो इस योजना को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं होगी।

ELI योजना का वर्तमान स्टेटस क्या है? जानिए फरवरी 2026 तक की स्थिति

Employment Linked Incentive (ELI) Scheme को भारत सरकार ने 1 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी। यह योजना 1 अगस्त 2025 से आधिकारिक रूप से लागू हो चुकी है। फरवरी 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक ढांचे के अनुसार, यह योजना अभी सक्रिय (Active Phase) में है और रजिस्ट्रेशन तथा लाभ वितरण की प्रक्रिया जारी है।

अभी योजना किस चरण में है?

रजिस्ट्रेशन विंडो खुली है

  • योजना के तहत पंजीकरण 1 अगस्त 2025 से शुरू हुआ था।

  • अंतिम तिथि 31 जुलाई 2027 है।

  • यानी फिलहाल नियोक्ता और कर्मचारी दोनों आवेदन कर सकते हैं।

 

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Rupesh Kumar is a content writer and blogger with 8 years of experience in the blogging industry. He has strong knowledge of content writing, SEO, and industry trends. Rupesh writes easy-to-understand, helpful articles on topics like finance, business, technology, and government schemes, helping readers stay informed and updated.

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