Why Robert Kiyosaki bought Bitcoin गिरते बाजार में भी रॉबर्ट कियोसाकी ने खरीदा बिटकॉइन, जानिए क्यों
Why Robert Kiyosaki bought Bitcoin:-क्रिप्टो बाजार में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बिटकॉइन अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है और छोटे निवेशकों में घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। लेकिन इसी बीच दुनिया भर में पर्सनल फाइनेंस की चर्चा को नई दिशा देने वाली किताब Rich Dad Poor Dad के लेखक और मशहूर निवेशक Robert Kiyosaki ने बाजार की गिरावट को मौका मानते हुए Bitcoin खरीद लिया है। भारतीय निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए भी खास है क्योंकि जब आम निवेशक गिरावट में दूरी बना लेते हैं, तब अनुभवी निवेशक अक्सर ऐसे समय को अवसर के रूप में देखते हैं।
गिरते बाजार में भी की खरीदारी (Why Robert Kiyosaki bought Bitcoin)
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कियोसाकी ने खुलासा किया कि उन्होंने करीब 67,000 डॉलर के स्तर पर एक Bitcoin खरीदा। उनका साफ कहना है कि बाजार में डर का माहौल अक्सर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सही एंट्री पॉइंट साबित होता है। भारत में भी कई निवेशक “डिप में खरीदो” की रणनीति अपनाते हैं, लेकिन जोखिम को समझना उतना ही जरूरी है।
Bitcoin खरीदने के पीछे दो बड़े कारण
1. बढ़ता अमेरिकी कर्ज और डॉलर की चिंता
कियोसाकी का पहला तर्क अमेरिका की आर्थिक स्थिति को लेकर है। उनका मानना है कि अमेरिका पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। यदि हालात बिगड़ते हैं तो Federal Reserve को अधिक मात्रा में डॉलर छापने पड़ सकते हैं। जब बाजार में बहुत ज्यादा करेंसी आती है, तो उसकी वैल्यू कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में सोना, चांदी और Bitcoin जैसे सीमित सप्लाई वाले एसेट सुरक्षित विकल्प बन सकते हैं। भारतीय संदर्भ में देखें तो जब रुपये में गिरावट आती है या महंगाई बढ़ती है, तो लोग सोने की ओर रुख करते हैं। कियोसाकी का मानना है कि आने वाले समय में Bitcoin भी कुछ वैसा ही रोल निभा सकता है।
2. Bitcoin की सीमित संख्या
Bitcoin की कुल सप्लाई 21 मिलियन (2.1 करोड़) कॉइन तक सीमित है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।
कियोसाकी का कहना है कि जब अंतिम Bitcoin माइन हो जाएगा, तब इसकी कमी (Scarcity) इसे और अधिक मूल्यवान बना सकती है। उनका विश्वास है कि डिजिटल युग में Bitcoin सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
आज का ताजा भाव
ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग 0.4 प्रतिशत की तेजी के साथ Bitcoin की कीमत 67,967.79 डॉलर के आसपास पहुंच गई है।
काफी समय से बिकवाली का दबाव बना हुआ था, लेकिन अब बाजार में थोड़ी स्थिरता दिखाई दे रही है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुधार भी देखने को मिल रहा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है।
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Ethereum में भी हल्की बढ़त
दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum की कीमत में भी पिछले 24 घंटे में लगभग 0.67 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसका भाव करीब 1,973.19 डॉलर पर पहुंच गया।
यह संकेत देता है कि प्रमुख डिजिटल एसेट्स में धीरे-धीरे खरीदारी बढ़ रही है।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब?
भारत में क्रिप्टो निवेश अभी भी टैक्स और रेगुलेशन के कारण चर्चा में रहता है। 30 प्रतिशत टैक्स और TDS जैसी व्यवस्थाओं ने ट्रेडिंग को थोड़ा महंगा बना दिया है। ऐसे में बिना रिसर्च के निवेश करना समझदारी नहीं है। रॉबर्ट कियोसाकी की रणनीति लंबी अवधि की है। वे शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से ज्यादा भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देते हैं। लेकिन हर निवेशक की जोखिम लेने की क्षमता अलग होती है। यदि आप क्रिप्टो में निवेश करना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो का छोटा हिस्सा ही इसमें लगाएं और बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखें। गिरते बाजार में Bitcoin खरीदकर रॉबर्ट कियोसाकी ने यह संदेश दिया है कि वे मौजूदा स्तरों को अवसर के रूप में देख रहे हैं। बढ़ता अमेरिकी कर्ज और Bitcoin की सीमित सप्लाई उनके फैसले के प्रमुख कारण हैं। हालांकि क्रिप्टो बाजार में तेजी और मंदी दोनों तेजी से आती हैं, इसलिए निवेश से पहले पूरी जानकारी और जोखिम का आकलन जरूरी है।डिजिटल युग में Bitcoin को लेकर बहस जारी है, लेकिन एक बात तय है — यह एसेट अब वैश्विक वित्तीय चर्चा का स्थायी हिस्सा बन चुका है।
