बड़ी राहत! NCLAT ने Reliance Infra की दिवालियापन प्रक्रिया पर लगाई रोक – शेयर 10% उछले Big Relief for Anil Ambani’s Reliance Infra
Anil Ambani की कंपनी Reliance Infrastructure को National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) से बड़ी राहत मिली है। NCLAT ने NCLT द्वारा शुरू की गई दिवालियापन प्रक्रिया (CIRP) पर रोक लगा दी है, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में 10% से अधिक की उछाल देखने को मिली।
📌 क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2011 के एक Energy Purchase Agreement (EPA) से जुड़ा है जो Reliance Infra और Dhursar Solar Power Pvt. Ltd. (DSPPL) के बीच हुआ था। DSPPL ने 2017-18 में कुल 10 इनवॉइस जारी किए, लेकिन पेमेंट ना मिलने पर 2022 में IDBI Trusteeship Services Ltd ने IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत ₹88 करोड़ की रिकवरी के लिए केस दायर किया।
➡️ NCLT Verdict (30 मई 2025):
NCLT ने Reliance Infra को Corporate Insolvency Resolution Process (CIRP) में शामिल करने का आदेश दिया।
➡️ Reliance Infra की दलील:
कंपनी ने कहा कि उसने DSPPL को ₹92.68 करोड़ की पूरी भुगतान पहले ही कर दी है और DSPPL से विवाद पहले से लंबित था। साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा कि यह याचिका समय-सीमा से बाहर है क्योंकि अंतिम इनवॉइस सितंबर 2018 का था।
⚖️ NCLAT का फैसला: कंपनी को अस्थाई राहत
Reliance Infrastructure की अपील पर NCLAT (नई दिल्ली) ने NCLT का आदेश सस्पेंड कर दिया है। इसका मतलब ये है कि फिलहाल Reliance Infra पर दिवालियापन की प्रक्रिया लागू नहीं होगी।
🗓️ NCLAT Order Date: 4 जून 2025
📍 Case No.: C.P. (IB)/624(MB)2022
📉 Original Claim: ₹88+ करोड़
📈 शेयर मार्केट में जोरदार उछाल
NCLAT के आदेश के तुरंत बाद Reliance Infra के शेयरों में तेजी आई:
विवरण | आंकड़ा |
---|---|
🟢 शेयर प्राइस (BSE) | ₹378.35 |
📊 इंट्राडे ग्रोथ | +10.64% |
निवेशकों ने राहत की सांस ली और मार्केट ने इस पॉजिटिव अपडेट को जोरदार तरीके से celebrate किया।
💬 कंपनी का स्टेटमेंट
Reliance Infrastructure के प्रवक्ता ने कहा:
“हमने DSPPL को ₹92.68 करोड़ का पूरा भुगतान कर दिया है, और अब हम NCLT के आदेश को पूरी तरह वापस लेने के लिए NCLAT में अपील करेंगे।”
🏦 IDBI Trusteeship की भूमिका
DSPPL ने 2012 में IDBI Trusteeship Services Ltd के साथ Direct Agreement किया था ताकि IDBI कंपनी की ओर से क्लेम कर सके। IDBI ने 2022 में Insolvency Petition फाइल की थी।
🧠 विश्लेषण: निवेशकों के लिए क्या मायने?
✅ पॉजिटिव:
CIRP पर फिलहाल रोक
कंपनी का दावा कि भुगतान पहले हो चुका है
शेयर में तेजी से निवेशकों का भरोसा बहाल
❌ नेगेटिव:
यह रोक अस्थायी है
विवाद का अंतिम निपटारा अब भी लंबित है
भविष्य में फिर से CIRP लागू हो सकता है अगर NCLAT में कंपनी असफल रही
📝 निष्कर्ष
Anil Ambani की Reliance Infrastructure को NCLAT से मिली राहत से कंपनी को अस्थायी रूप से दिवालियापन की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। शेयरधारकों के लिए यह एक पॉजिटिव संकेत है लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। यदि कंपनी अपने पक्ष को पूरी तरह साबित कर पाती है, तो यह मामला खत्म हो सकता है।
📢 निवेशकों को सलाह:
इस तरह की खबरों पर निवेश से पहले पूरी रिसर्च और जोखिम विश्लेषण करना जरूरी है।
📢 Disclaimer:
यह लेख केवल सूचना एवं शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।