राहत या चुनौती? दिल्ली में लॉन्च हुआ नया ऑनलाइन शिकायत सिस्टम
Delhi government women empowerment schemes: –दिल्ली की राजनीति और सरकारी काम-काज में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने, लंबी लाइनों में लगने या फाइलों के फंसने वाली सिरदर्दी से शायद छुट्टी मिल जाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सीएम जनसुनवाई पोर्टल’ और मोबाइल ऐप शुरू किया है और दावा किया है कि अब हर शिकायत का निपटारा सिर्फ 15 दिनों में होगा। सरकार इसे अपनी बड़ी कामयाबी बता रही है, पर लोगों के मन में बस एक ही सवाल है क्या वाकई अब काम टाइम पर होगा?
घर बैठे दर्ज होगी शिकायत (Delhi government women empowerment schemes)
अब नई व्यवस्था के साथ आपको कहीं जाने की ज़रूरत नहीं घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से शिकायत दर्ज करें। चाहे ई-डिस्ट्रिक्ट की सर्विस हो या EWS, DG और CWSN कैटेगरी से जुड़ी कोई भी दिक्कत, सब कुछ इस एक ही प्लेटफॉर्म पर सुलझेगा। सबसे बढ़िया बात ये है कि आपको पता चलता रहेगा कि आपकी शिकायत पर क्या काम हो रहा है। अब ये पूछने की टेंशन खत्म कि ‘भाई, मेरी फाइल कहाँ फंसी है?’ क्योंकि अब सारा अपडेट ऑनलाइन मिलेगा।
30 रुपये शुल्क: छोटा अमाउंट, बड़ा संदेश
इस पोर्टल पर अपनी शिकायत डालने के लिए 30 रुपये की फीस देनी होगी। सरकार का कहना है कि यह छोटी सी रकम इसलिए रखी गई है ताकि फालतू की शिकायतें न आएं और सिस्टम सही से काम करे। हालांकि, दिल्ली के कुछ सामाजिक संगठनों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए यह 30 रुपये भी मायने रखते हैं। अगर आने वाले समय में कुछ खास लोगों के लिए यह फीस माफ कर दी जाए, तो यह सरकारी कदम और भी ज्यादा कामयाब हो सकता है।
एक साल का रिपोर्ट कार्ड और 2 मार्च का बड़ा कार्यक्रम
सरकार अपने एक साल पूरे होने की खुशी में 2 मार्च को एक बड़ा प्रोग्राम करने जा रही है। खबर है कि इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल हो सकती हैं। इस पूरे प्रोग्राम का जोर गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए चल रही स्कीमों पर रहेगा। सरकार का कहना है कि महिलाओं को मजबूत बनाना उनकी पहली पसंद है और आने वाले दिनों में उनके लिए कुछ और नई योजनाएं भी लाई जा सकती हैं।
त्योहारों पर फ्री गैस सिलेंडर: राहत की उम्मीद
दिल्ली सरकार ने होली और दिवाली के मौके पर ज़रूरतमंद परिवारों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का ऐलान किया है। इसके पैसे सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) के ज़रिए भेज दिए जाएंगे।आज की महंगाई में यह स्कीम कई परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। बस ज़रूरी ये होगा कि सही लोगों को इसका फायदा मिले और पैसा टाइम पर खाते में पहुँच जाए।
लाडली योजना: रुका हुआ पैसा अब मिलेगा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि शीला दीक्षित जी के समय की ‘लाड़ली योजना’ का काफी पैसा अभी भी अटका हुआ था। सरकारी आंकड़ों की मानें तो:
- 1.86 लाख से ज्यादा ऐसे खाते थे जिनका समय पूरा हो चुका था, पर किसी ने पैसा नहीं निकाला।
- पिछले साल 30 हजार महिलाओं को करीब 90 करोड़ रुपये दिए गए।
- अब उम्मीद है कि 41 हजार और महिलाओं को लगभग 100 करोड़ रुपये जल्द ही मिलेंगे।
सरकार का कहना है कि जिन महिलाओं को अब तक उनका हक नहीं मिला था, उन्हें अब सबसे पहले पेमेंट की जाएगी।
क्या बदलेगा आम नागरिक का अनुभव?
दिल्ली जैसे बड़े शहर में शिकायतों का अंबार लगा रहता है, इसलिए 15 दिन में हर समस्या सुलझाना कोई आसान काम नहीं होगा। इस सिस्टम की कामयाबी इस बात पर टिकी है कि सरकारी विभाग आपस में कितनी तालमेल से काम करते हैं और उनका इंटरनेट-सॉफ्टवेयर (टेक्नोलॉजी) कितना तगड़ा है। अगर यह प्लान कागजों से निकलकर जमीन पर सही से उतर गया, तो सरकारी दफ्तरों और आम जनता के बीच की दूरियां वाकई खत्म हो सकती हैं।”
दिल्ली सरकार का यह डिजिटल जनसुनवाई वाला कदम एक अच्छी शुरुआत है। 15 दिन में काम का वादा, 30 रुपये की फीस, महिलाओं के लिए खास स्कीमें और त्योहारों पर मुफ्त सिलेंडर—ये सब जनता को सीधे सरकार से जोड़ने की कोशिशें हैं। अब बस देखना यह है कि ये बातें सिर्फ कागजों और घोषणाओं तक ही रहती हैं, या वाकई दिल्ली वालों के लिए एक मिसाल बनती हैं। क्या सच में अब सरकारी काम चुटकियों में होंगे? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
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